'मिस्टर पॉपर के पेंगुइन' सिर्फ एक बच्चों की किताब नहीं है; यह एक ऐसी कहानी है जो हर उम्र के लोगों को हंसाती, सिखाती और सोचने पर मजबूर करती है। अगर आप कुछ हल्का-फुल्का, मजेदार और दिल को छू लेने वाला पढ़ना चाहते हैं, तो यह किताब आपके लिए ही है। चाहे आप हिंदी में अनुवाद पढ़ें या अंग्रेजी में – कैप्टन कुक और उसकी टोली आपका दिन जरूर बना देगी।
इतने सारे पेंगुइन्स को संभालना मुश्किल हो जाता है। घर छोटा है, खाने पर बजट बिगड़ रहा है और पेंगुइन्स की शैतानियां बढ़ती जा रही हैं। श्रीमान पॉपर को पता चलता है कि ये पेंगुइन सिर्फ पालतू जानवर नहीं हैं, बल्कि बहुत होशियार हैं – वे तो सर्कस (circus) के शो कर सकते हैं! mr. popper's penguins in hindi
इस कहानी पर 2011 में जिम कैरी (Jim Carrey) की मुख्य भूमिका वाली एक हॉलीवुड फिल्म भी बनी। फिल्म काफी मजेदार थी, लेकिन किताब में कहानी कुछ अलग है। किताब ज्यादा सरल, प्यारी और परिवारिक है, जबकि फिल्म में आधुनिक ट्विस्ट हैं। हालांकि, दोनों ही बेहतरीन हैं। प्यारी और परिवारिक है
मिस्टर पॉपर के पेंगुइन: एक क्लासिक कहानी जो सिखाती है सपनों को जीने का मजा mr. popper's penguins in hindi
एक दिन उनकी जिंदगी में ट्विस्ट आता है। उन्हें एडमिरल ड्रेक (Admiral Drake) नाम के एक एक्सप्लोरर से एक पेंगुइन (penguin) उपहार में मिलता है। पेंगुइन का नाम वे रखते हैं – ।
श्रीमान पॉपर इन पेंगुइन्स को 'पॉपर पेरफॉर्मिंग पेंगुइन्स' (Popper's Performing Penguins) नाम से एक ट्रेनिंग देते हैं और देश भर में शो करना शुरू करते हैं। लोग इन पेंगुइन्स को स्टेज पर ड्रिल करते, मार्च करते और कॉमेडी करते देखकर दीवाने हो जाते हैं। पूरा परिवार मशहूर हो जाता है। हालांकि, आखिर में एक मार्मिक मोड़ आता है जब उन्हें इन पेंगुइन्स को उनके असली घर – उत्तरी ध्रुव (North Pole) पर एक फिल्म अभियान के लिए भेजना पड़ता है।